तुझे है मशक़-ए-सितम का मलाल वैसे ही,

हमारी जान है जान पर बबाल वैसे ही,

चला था जिक्र जमाने की बेवफ़ाई का,

तो आ गया है तुम्हारा ख्याल वैसे ही।