बिंद बणिया रे चारभुजा जी लाडी मारी तुलसा ओ राज राजस्थानी भजन लिरिक्स

बिंद बणिया रे चारभुजा जी लाडी मारी तुलसा ओ राज राजस्थानी भजन लिरिक्स

बिंद बणिया रे चारभुजा जी,
लाडी मारी तुलसा ओ राज,
नाचो कूदो बधाओं गाओ,
सेठ परणवाने जावे राज।।

सिर पे मुकुट काना में कुंडल,
मुख पे मुरली सोवे वो राज,
मीठी मीठी मुरली सुनावे,
तुलसा रे मनडे भावे वो राज,
बिंद बण्या रे चारभुजा जी,
लाडी मारी तुलसा ओ राज।।

चांदी रा रथड़ा में मारो,
सावरीयो बिराजे वो राज,
आगे आगे ढोल बजत है,
बरातियों ने नचावे वो राज,

बिंद बण्या रे चारभुजा जी,
लाडी मारी तुलसा ओ राज।।

मूंगा मोला रो चिर ओडायो,
गूंगटा में नथडी सोवे वो राज,
पांच पच्चीस मिल बैठी सहेलियां,
तुलसा रो नैनो निरखे वो राज,
बिंद बण्या रे चारभुजा जी,
लाडी मारी तुलसा ओ राज।।

चार थंबा री चवरी रचाई,
सोना रा तार खिचाया वो राज,
चार वेद ब्रह्मा जी बचिया,
मंगला चार सुनाया वो राज,
बिंद बण्या रे चारभुजा जी,
लाडी मारी तुलसा ओ राज।।

बिंद बणिया रे चारभुजा जी,
लाडी मारी तुलसा ओ राज,
नाचो कूदो बधाओं गाओ,
सेठ परणवाने जावे राज।।

Bhajan song lyrics Details

राजस्थानी भजन लिरिक्स
Singer – Ladu Puri Ji

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