Ishq Shayari, Mohabbat ko jo nibhate hai Unko mera Salam

Ishq Shayari, Mohabbat ko jo nibhate hai Unka mera Salam

मोहबत को जो निभाते हैं उनको मेरा सलाम है,

और जो बीच रास्ते में छोड़ जाते हैं उनको, हुमारा ये पेघाम हैं,

“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,

वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”