Best Mirza Ghalib Shers

कोई दिन गर ज़िंदगानी और है ghalib best shayri
 
 
 
कोई दिन गर ज़िंदगानी और है
अपने जी में हमने ठानी और है
 
 
नसीहत के कुतुब-ख़ाने यूँ तो दुनिया में भरे हैं mirja galib shauri hindi top 10
नसीहत के कुतुब-ख़ाने यूँ तो दुनिया में भरे हैं,
ठोकरें खा के ही अक्सर बंदे को अक़्ल आई है !!
 
 
न सुनो गर बुरा कहे कोई hindi mirza galib shayri facts in hindi
 
न सुनो गर बुरा कहे कोई,
न कहो गर बुरा करे कोई !!
रोक लो गर ग़लत चले कोई,
बख़्श दो गर ख़ता करे कोई !!
 
 
कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को galib shayri hindi beset
 

कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता


तेरे वादे पर जिये हम mirja shayri by galib in hindi
 
तेरे वादे पर जिये हम
तो यह जान,झूठ जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते
अगर एतबार होता ..
गा़लिब
 
 
तुम अपने शिकवे की बातें mirja ghalib hindi shyaaayari best

तुम अपने शिकवे की बातें
तुम अपने शिकवे की बातें
न खोद खोद के पूछो
हज़र करो मिरे दिल से
कि उस में आग दबी है..
गा़लिब

 
इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा galib shayrai hindi

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं
गा़लिब
 
अपनी गली में मुझ को galib shayari hindi me  mirza ghalib
 
अपनी गली में मुझ को
न कर दफ़्न बाद-ए-क़त्ल
मेरे पते से ख़ल्क़ को
क्यूँ तेरा घर मिले
गा़लिब
 
कुछ लम्हे हमने ख़र्च किए थे मिले नही hindi shayari by ghalib mirja
 
कुछ लम्हे हमने ख़र्च किए थे मिले नही,
सारा हिसाब जोड़ के सिरहाने रख लिया !!
 
 
निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन galib hindi quotes best
निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन
बहुत बे-आबरू हो कर तिरे कूचे से हम निकले
 
 
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले galib shayari hindi best quotes on love

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
 
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले
 
भीगी हुई सी रात में जब याद जल उठी mirja galib hindi shayri.page
भीगी हुई सी रात में जब याद जल उठी
भीगी हुई सी रात में जब याद जल उठी,
बादल सा इक निचोड़ के सिरहाने रख लिया !!


अब अगले मौसमों में यही काम आएगा hindi mirja galibh shayri bst
अब अगले मौसमों में यही काम आएगा
अब अगले मौसमों में यही काम आएगा,
कुछ रोज़ दर्द ओढ़ के सिरहाने रख लिया !!
 

आज ही हुआ मंज़ूर उन को इम्तिहान अपना mirja ghalib hindi shayari

आज ही हुआ मंज़ूर उन को इम्तिहान अपना
बज़्म-ऐ-ग़ैरमेह वो क्यों बहुत पीते बज़्म-ऐ-ग़ैर में या रब
आज ही हुआ मंज़ूर उन को इम्तिहान अपना
मँज़र इक बुलंदी पर और हम बना सकते “ग़ालिब”
अर्श से इधर होता काश के माकन अपना
 
 
हसरत दिल में है mirja ghalib quotes sher-o-shayari
 
 
सादगी पर उस के मर जाने की  हसरत दिल में है
बस नहीं चलता की फिर खंजर काफ-ऐ-क़ातिल में है
देखना तक़रीर के लज़्ज़त की जो उसने कहा
मैंने यह जाना की गोया यह भी मेरे दिल में है

 

कोई दिन और shayri by mirza galib best shayri

मैं उन्हें छेड़ूँ और कुछ न कहें
चल निकलते जो में पिए होते
क़हर हो या भला हो , जो कुछ हो
काश के तुम मेरे लिए होते
मेरी किस्मत में ग़म गर इतना था
दिल भी या रब कई दिए होते
आ ही जाता वो राह पर ‘ग़ालिब ’
कोई दिन और भी जिए होते
 
 
दिल-ऐ -ग़म गुस्ताख़ hindi urdu mirja galib shayari
दिल-ऐ -ग़म गुस्ताख़
फिर तेरे कूचे को जाता है ख्याल
दिल -ऐ -ग़म गुस्ताख़ मगर याद आया
कोई वीरानी सी वीरानी है .
दश्त को देख के घर याद आया
 
जो दिल निकले तो दम निकले  mirja ghalib shayari in hindi
जो दिल निकले तो दम निकले
ज़रा कर ज़ोर सीने में कि तीरे-पुर-सितम निकले,
जो वो निकले तो दिल निकले, जो दिल निकले तो दम निकले !!
 
मुश्किलें आसाँ हो गईं shayari in hindi by ghalib mirza
 
रंज से ख़ूगर हुआ इंसाँ तो मिट जाता है रंज,
मुश्किलें मुझ पर पड़ीं इतनी कि आसाँ हो गईं !!
 
पड़िए गर बीमार तो कोई न हो तीमारदार shayari by galib in hindi urdu best
 
पड़िए गर बीमार तो कोई न हो तीमारदार
और अगर मर जाइए तो नौहा-ख़्वाँ कोई न हो
 
 
हसद से दिल अगर  mirja galib best hindi urdu shayari hasad se dil agar
 
हसद से दिल अगर अफ़्सुर्दा है गर्म-ए-तमाशा हो
कि चश्म-ए-तंग शायद कसरत-ए-नज़्ज़ारा से वा हो
 
 
पल भर में गुज़र जाएगी रात hindi mirja galib shayri best and top 10
 
हम तो जाने कब से हैं आवारा-ए-ज़ुल्मत मगर,
तुम ठहर जाओ तो पल भर में गुज़र जाएगी रात !!

इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया shayri mirja galib hindi best ishq ne

इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया
गैर ले महफ़िल में बोसे जाम के
हम रहें यूँ तश्ना-ऐ-लब पैगाम के
खत लिखेंगे गरचे मतलब कुछ न हो
हम तो आशिक़ हैं तुम्हारे नाम के
इश्क़ ने “ग़ालिब” निकम्मा कर दिया
वरना हम भी आदमी थे काम के
 
 
आईना बिखर जाएगी रात  galib urdu best shayari hindi
 
है उफ़ुक़ से एक संग-ए-आफ़्ताब आने की देर,
टूट कर मानिंद-ए-आईना बिखर जाएगी रात !!
 
 
हम ग़ैर हमें उठाए क्यूँ shayari urdu and love by mirza galib bsest

दैर नहीं हरम नहीं दर नहीं आस्ताँ नहीं
बैठे हैं रहगुज़र पे हम ग़ैर हमें उठाए क्यूँ
 
Der nahi haram nahi dar nahi aastan nahi,
Baithe hain Rehgujar pe hum gair hame  uthaye kyun.
 
 
या इलाही ये माजरा क्या है mirja galib shahab ki hindi urdu best 50 shayari
 
हम हैं मुश्ताक़ और वो बे-ज़ार
या इलाही ये माजरा क्या है
 
Hum hain Mushtaq aur wo be-jar,
Ya ilahi ye majra kya hai.