Dhokha Wafa ki raah me khaaye to hai jarur

घौखा वफ़ा की राह में खाये तो हे जरुर ,
हम ने कभी किसी को घौखा नही दिया ,
फ़किरी में ही गुजार ली जींदगी-ए-“एजाज”
पर हम ने कभी ज़मीर का सौदा नही किया ।।