सुप्रभात शायरी, Taqdeer shayari, Zindagi, Beti shayari in hindi collection

Khwahish shayari,

दहेज में बहू क्या क्या लाई ये सब ने पूछा
लेकिन एक बेटी क्या क्या छोड़ आई ये किसी ने नहीं सोचा 🙏

किस्मत शायरी,

ढक कर चलता हूँ,
ज़ख्मों को अपने आजकल….
नमकीन बातें झलकती हैं,
आजकल लोगों के लहजों में भी..

Intezaar Shayari,

घरों में यूँ सयानी लड़कियाँ बेचैन रहती है
कि जैसे साहिलों पर कश्तियाँ बेचैन रहती हैं

Beautiful Shayari,

ये चिड़िया भी मेरी बेटी से कितनी मिलती जुलती है
कहीं भी शाख़े-गुल देखे तो झूला डाल देती है

Beti shayari

रो रहे थे सब तो मै भी फ़ूटकर रोने लगा
वरना मुझको बेटियों की रूख़सती अच्छी लगी