Tanhai sirf insano ke naseeb me

Tanhai sirf insano ke naseeb me, Naseeb Shayari

कश्तियाँ भी अकेले ही तैर रही है समंदर में दोस्त,
किसने कहाँ के तनहाई सिर्फ़ इंसानों के नसीब में हैं..!!