Wo Meri Najron se girte ja rahe the

Wo Meri Najron se girte ja rahe the, Shayari nazro se girna

वो हमसे झूठ बोल कर मुस्कुरा रहे थे,
हम भी मुस्कुरा रहे थे ,
क्योंकि उन्हे पता ही नही था ,
वो मेरी नज़रों से गिरते जा रहे थे..